Secret of great learning (kya aap sikh nahi paa rahe?) पिछले कुछ दिनों से कुछ ट्रेनीज काफी परेशान है।75 % ट्रेनीज तो खूब खुश हैं। आखिर क्या परेशानी है जो उन्हें आगे जाने से रोक रही है। सबसे बड़ी बात है कुछ भी सिखने में कि आपका माइंड सेट क्या है? आप सबने द्रोणाचार्य और एकलव्य की कहानी तो सुनी होगी। एकलव्य एक गुरु को खोजने गया , गुरु ने उसे ठुकरा दिया। कई लोगों के लिए तो यही कारन काफी होता है सीखना छोड़ देने को। पर वो तो रुका नहीं ,उसने एक मूर्ति बनाई गुरु की और सिखने में भिड़ गया। प्रैक्टिस ,गलती ,फिर सुधार ,फिर प्रैक्टिस ---लगातार ----दिन रात। और वह अर्जुन से भी ज्यादा सीख गया ,जबकि अर्जुन तो गुरु के दिन रात साथ था। क्या वो गुणवत्ता गुरु की थी? नहीं, वो क्वालिटी थी एकलव्य की। क्यूंकि उसने अपनी ऊर्जा को एक गुरु के बहाने फोकस किया। वो चाहता तो अपनी ऊर्जा गुरु की शिकायत में खर्च करता या फिर कोई परफेक्ट गुरु ढूंढने में खर्च करता। लेकिन वो तो सिखने में लग गया खुद में और गुरु में भरोसा रखकर । ऐसे ही हमारे साथ जो बहुत सफल लोग है ,वो इतने सरल है कि 4 ट...