Thursday, 31 December 2015

multi commodity exchange (mcx) basic details

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एक स्वतंत्र एक्सचेंज है। यह मुंबई में है और 2003 में शुरू किया गया। 
2014 -15 वित्तीय वर्ष में इसका टर्नओवर 52 लाख करोड़ रहा। 
2009 में यह विश्व का 6th बड़ा एक्सचेंज रहा है। mcx  में बुलियन (गोल्ड -सिल्वर ) नॉन फेरस मेटल (बेस मेटल) एनर्जी और एग्री (कृषि )कमोडिटी में ट्रेड होता है। Multi Commodity Exchange of India Ltd (MCX
feb 2012 में mcx 64 लाख शेयर्स का पब्लिक इशू लाया और 140 मिलियन डॉलर जुटाए।
सितम्बर 2015 से सेबी mcx  को रेगुलेट करेगा क्योंकि फारवर्ड मार्केट्स कमीशन  सेबी में मर्ज हो गया है। 
  • mcx का शेयर इंडियन कमोडिटी मार्किट में 84 % रहा 2014 -15 मे. 
  • ncdex इसका मुख्य प्रतिद्वंदी है। 
  • गोल्ड ,सिल्वर ,कॉपर ,क्रूड के फ्यूचर दुनिया के टॉप 20 फ्यूचर में रैंक किये गए है। 
  • गोल्ड का ट्रेड सबसे ज्यादा होता है। 
  • mcx का डेली टर्न ओवर 20000 करोड़ रूपये है। 
  • mcx लगभग 1900 शहरों में 5 लाख ट्रेडिंग टर्मिनल्स के साथ पहुंचा है। 
  • comdex इंडिया का पहला कमोडिटी सूचकांक (index ) है। 
 base METAL(अलौह धातु )BULLION
Aluminium, Aluminium Mini, Copper, Copper Mini, Lead, Lead Mini, Nickel, Nickel Mini, Zinc, Zinc Mini
एल्युमीनियम ,कॉपर ,लैड ,निकेल और जिंक (सबमे मिनी लॉट भी )
Gold, Gold M, Gold Guinea, Gold Petal,
गोल्ड (1kg )गोल्ड मिनी (100gm )गोल्ड गिनी (8gm )गोल्ड़पेटल (1gm )
Silver,(30 kg ) Silver M(5kg ), Silver Micro(1kg )
AGRICULTURE(कृषि उत्पाद )ENERGY(ऊर्जा)
Cardamom, Cotton, Crude Palm Oil, Kapas, Kapasia Khali, Mentha OilBrent Crude Oil, Crude Oil, Natural Gas

History of Commodity Trading and Commodity Exchanges IN INDIA

History of Commodity Trading 
and Commodity Exchanges IN INDIA

कमोडिटी ट्रेडिंग का पुराना  इतिहास है। जापान में १७वी सदी में इसकी शुरुआत मानी जाती है। लेकिन एक्सचेंज के माध्यम से संगठित ट्रेडिंग 1848 में शिकागो बोर्ड ऑफ़ ट्रेड (cbot ) से हुई। 
इंडिया में 140 साल पहले बॉम्बे कॉटन ट्रेड एसोसिएशन के गठन से कमोडिटी ट्रेडिंग शुरू तो की गयी थी लेकिन 1960 में इसे रोक दिया गया। कारण था प्राकृतिक आपदाएं और उनसे उपजी लगातार मंदी। 

 भारत में नया दौर 
आर्थिक उदारीकरण के बाद नयी शुरुआत की गयी। 2002 तक 20 एक्सचेंज 42 कमोडिटी में ट्रेड करते है। 

कमोडिटी फ्यूचर पर फॉरवर्ड रेगुलेशन एक्ट 1952 लागु होता है। इसका नियामक है फॉरवर्ड मार्किट कमीशन,जो कि उपभोक्ता मामले,खाद्य & लोक वितरण मंत्रालय  का विभाग है। 

2002 में भारत  सरकार ने कमोडिटी फ्यूचर फिर से शुरुआत की अनुमति दी। 

3 एक्सचेंज शुरू किये गए -

1. National Commodity & Derivative Exchange

 (www.ncdex.com)
यह एक्सचेंज ICICI ,NSE ,NABARD और LIC के द्वारा समर्थित है। यह कृषि कमोडिटी के लिए ज्यादा प्रचलित है। 

2. Multi Commodity Exchange

 (www.mcxindia.com)
यह एक्सचेंज फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी ने प्रमोट किया , जो कि पूंजी बाज़ार की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी रही थी। ODIN सॉफ्टवेयर इसी कंपनी ने डेवेलप किया ,जो बरसों तक मार्केट में एकाधिकार बनाये रहा। 

3. National Multi Commodity Exchange of India

 (www.nmce.com)
यह एक्सचेंज अहमदाबाद के ट्रेडर कैलाश गुप्ता और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (CWC )ने प्रमोट किया। यह खास तौर पर मसालों और प्लान्टेशन फसलों के लिए केरला में ज्यादा प्रचलित है। 

आज कमोडिटी बाजार में इन एक्सचेंज की हिस्सेदारी इस तरह है -
एम सी एक्स 70 %
NCDEX  25 %
NCME  5 %

इन सारे एक्सचैंजेस की अपनी अपनी वेब साइट्स है जहा प्रोडक्ट डिटेल ,फंडामेंटल और हिस्टोरिकल प्राइस देखे जा सकते है। 

www.speedearning.com
9619748433
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